Sun. Feb 22nd, 2026

देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में मतदाता मैपिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी

देहरादून: डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राज्य में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर तैयारियों की गंभीर समीक्षा की और स्पष्ट संदेश दिया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिवालय से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पुनरीक्षण से जुड़े प्रत्येक कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में मतदाता मैपिंग का कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है। इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन बूथों पर प्रगति कम है, वहां के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि अप्रैल में प्रस्तावित एसआईआर अभियान को देखते हुए किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल राज्य के लगभग 77 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की नियुक्ति हो चुकी है। इसे पूर्ण रूप से लागू करने के लिए जिलाधिकारियों को राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बढ़ाने और शेष बूथों पर जल्द से जल्द बीएलए की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सभी जिलों में बूथ अवेयरनेस ग्रुप (बीएजी) के गठन को प्राथमिकता देने और एसआईआर हेल्पडेस्क पर अतिरिक्त कार्मिक तैनात करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अभियान को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और निर्वाचन अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य करें, ताकि राज्य में मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाई जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *