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टर्निंग प्वाइंट यूएसए के संस्थापक चार्ली किर्क की हत्या से समर्थकों में आक्रोश

अमेरिका : यूटा शहर में यूनिवर्सिटी कार्यक्रम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और कंजरवेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना उस वक्त हुई जब वे “द अमेरिका कमबैक प्रोग्राम” में शामिल होकर मंच से संबोधन कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखा कि जैसे ही चार्ली माइक पकड़कर बोलना शुरू करते हैं, अचानक एक गोली उनकी गर्दन के पास लगती है। गोली लगते ही वे लहूलुहान होकर मंच पर गिर जाते हैं। घटना से मौके पर अफरातफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई।

31 वर्षीय चार्ली किर्क अमेरिका के सबसे चर्चित कंजरवेटिव कार्यकर्ताओं और मीडिया हस्तियों में गिने जाते थे। वे डोनाल्ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगियों में से एक थे। किर्क का नाम टर्निंग प्वाइंट यूएसए के सह-संस्थापक और सीईओ के रूप में भी जाना जाता था। उन्होंने मात्र 18 साल की उम्र में इस संगठन की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य अमेरिकी कॉलेजों में रूढ़िवादी आदर्शों को फैलाना और युवाओं को कंजरवेटिव विचारधारा से जोड़ना था। यह संगठन मुक्त बाज़ार, सीमित सरकार और राजकोषीय उत्तरदायित्व के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय था।

चार्ली किर्क की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे अक्सर अमेरिकी कॉलेजों में बहसों और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन करते थे और युवाओं के दृष्टिकोण को चुनौती देते थे। अपनी साफगोई और विचारों की वजह से वे युवाओं के बीच एक प्रभावशाली चेहरा बन गए थे।

उनकी मौत पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गहरा दुख व्यक्त किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि चार्ली किर्क अमेरिका के युवाओं को सबसे अच्छी तरह समझते थे और उनसे दिल से जुड़ पाते थे। उन्होंने उन्हें महान व्यक्ति करार दिया और कहा कि उनकी कमी हमेशा खलेगी।

यूटा के गवर्नर स्पेंसर कॉक्स ने इस हत्या को राजनीतिक हत्या करार दिया। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि यह हमारे राज्य के लिए एक काला दिन और पूरे अमेरिका के लिए दुखद घटना है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल हत्या नहीं बल्कि राजनीतिक हत्या है, जिसने अमेरिकी लोकतंत्र और समाज को गहरा झटका दिया है।

चार्ली किर्क की मौत ने अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक असहिष्णुता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस देश की पहचान लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से है, वहीं एक कंजरवेटिव एक्टिविस्ट की इस तरह गोली मारकर हत्या होना अमेरिका की असुरक्षा और अंदरूनी तनाव की गवाही देता है।

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