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अनियंत्रित बस बनी हादसे की वजह:डबल-डेकर बस पलटगई,दो यात्रियों की मौत

दिल्ली : राजधानी के व्यस्त करोल बाग इलाके में बुधवार तड़के एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया। जयपुर से दिल्ली आ रही एक डबल-डेकर बस झंडेवालान मंदिर के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दुर्घटना में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बस में कुल 25 यात्री सवार थे, जो राजस्थान के जयपुर से दिल्ली की ओर यात्रा कर रहे थे।

दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, हादसे की सूचना रात करीब 1 बजकर 8 मिनट पर मिली, जिसके तुरंत बाद विभाग ने बिना देरी किए दो दमकल गाड़ियों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। मौके पर पहुंची टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से तेजी से राहत और बचाव अभियान शुरू किया। बस के पलटने के कारण कई यात्री अंदर ही फंस गए थे, जिन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ यात्रियों को शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया, जबकि कुछ को भारी प्रयास के बाद सुरक्षित बाहर लाया गया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

हादसे के चश्मदीदों ने जो दृश्य बताए, वे बेहद भयावह थे। एक ऑटो-रिक्शा चालक दीपक, जो उस समय मौके के पास ही मौजूद थे, ने बताया कि उन्होंने खुद कई घायलों को बाहर निकालने में मदद की। उनके अनुसार, दुर्घटना के बाद लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया, “हमने जितने लोगों को बचा सकते थे, बचाने की कोशिश की। एक छोटा बच्चा और एक महिला बस के नीचे दब गए थे, जिन्हें निकालना बेहद मुश्किल था, लेकिन आखिरकार उन्हें बाहर निकाल लिया गया।” दीपक ने यह भी आशंका जताई कि बस चालक को नींद आने की वजह से यह हादसा हुआ हो सकता है, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।

घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और यातायात को सुचारू करने के लिए जरूरी कदम उठाए। पुलिस ने बस को सीधा कराने और रास्ता साफ करने के लिए क्रेन की मदद ली। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में ड्राइवर की लापरवाही या नींद आने की बात सामने आ रही है, हालांकि तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर ही हादसे के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा।

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी की यात्राओं के दौरान ड्राइवर की सतर्कता पर सवाल खड़े करता है। खासतौर पर रात के समय होने वाली ऐसी घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि थकान और नींद के कारण हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। फिलहाल, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है, जबकि मृतकों के परिजनों के लिए यह हादसा एक गहरा सदमा बनकर सामने आया है।

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