वसंतोत्सव 2026: फ्लोरीकल्चर, मिलेट फूड कोर्ट और स्टार्टअप्स को मिलेगा नया मंच
राज्य स्तरीय वसंतोत्सव 27 फरवरी से 1 मार्च तक राजभवन, देहरादून में आयोजित होगा। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इसे राष्ट्रीय पहचान दिलाने, अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और स्थानीय उत्पादों, फ्लोरीकल्चर, महिला स्वयं सहायता समूहों व स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस वर्ष से प्रगतिशील किसानों, महिलाओं और युवा उद्यमियों को राज्यपाल विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा, जबकि पुष्प-प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्सव की मुख्य आकर्षण रहेंगे।
देहरादून : लोक भवन (राजभवन) में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय वसंतोत्सव इस वर्ष 27 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और उत्सव को पूरे उमंग, उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए।
वसंतोत्सव को मिलेगा राष्ट्रीय स्वरूप
राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि वसंतोत्सव को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न मानकर एक भव्य उत्सव के रूप में मनाया जाए। उन्होंने इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि यह आयोजन स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय पहचान बनाए।
इसके लिए अन्य राज्यों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मिलेट आधारित फूड कोर्ट और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
राज्यपाल ने जानकारी दी कि वसंतोत्सव के दौरान आईएचएम, जीएमवीएन और राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से मिलेट आधारित फूड कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
साथ ही शहद उत्पादन, एरोमा उत्पाद और मिलेट आधारित उत्पादों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रगतिशील किसानों और स्टार्टअप्स को मिलेगा राज्यपाल विशेष पुरस्कार
इस वर्ष से वसंतोत्सव में एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है।राज्यपाल ने घोषणा की कि प्रगतिशील किसान, महिला उद्यमी और युवा स्टार्टअप्स को ‘राज्यपाल विशेष पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। यह पहल नवाचार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
फ्लोरीकल्चर और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र
राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव उत्तराखंड में फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। पुष्प-प्रदर्शनी को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ते हुए इसे रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाना चाहिए।अधिकारियों ने बताया कि पुष्प-प्रदर्शनी में 15 श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें कुल 165 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इसके अलावा सांस्कृतिक संध्या, बैंड प्रस्तुतियां, योग एवं मार्शल आर्ट प्रदर्शन, पेंटिंग प्रतियोगिता और लाइव डेमो जैसे कार्यक्रम भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।