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जनसेवा के लिए भगत सिंह कोश्यारी को मिला पद्म भूषण

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने कुल 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए।

उत्तराखंड में ‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता रहे हैं। उन्होंने अपना जीवन जनसेवा और समाज के गरीब व पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निष्ठावान स्वयंसेवक रहे हैं और अपनी सादगी, अनुशासन तथा शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाते हैं।

17 जून 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पलानधुरा गांव में जन्मे कोश्यारी ने ग्रामीण परिवेश से निकलकर उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वर्ष 1964-65 में उन्होंने एटा जिले के राजा का रामपुर में व्याख्याता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। बाद में शिक्षा और समाजसेवा को राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानते हुए उन्होंने स्वयं को पूरी तरह जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया।

वर्ष 1997 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वह राज्य की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में उत्तरांचल के मुख्यमंत्री भी रहे। उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई। वर्ष 2008 में वह राज्यसभा सदस्य चुने गए और 2014 में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से लोकसभा सांसद बने। 5 सितंबर 2019 को उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जबकि अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने पर भाजपा नेताओं ने खुशी जताई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे देवभूमि के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भगत सिंह कोश्यारी की सादगी, राष्ट्रसेवा और समाज के प्रति समर्पण का सम्मान है।

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