दीपके का पीएम मोदी पर हमला, बोले- प्रदर्शन से पहले ही हार स्वीकार
दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रदर्शन को लेकर जहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, वहीं पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मुंबई से दिल्ली रवाना होने से पहले दीपके ने आरोप लगाया कि राजधानी में लगाए गए कड़े प्रतिबंध और व्यापक सुरक्षा इंतजाम सरकार की घबराहट को दर्शाते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हार स्वीकार कर ली है। हालांकि, ये दीपके के अपने राजनीतिक आरोप हैं।
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अभिजीत दीपके शनिवार सुबह 6 बजकर 50 मिनट पर मध्य मुंबई के वर्ली स्थित फोर सीजन्स होटल से मुंबई हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए। दिल्ली के लिए उड़ान भरने से कुछ समय पहले उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने राजधानी में लगाए गए प्रतिबंधों और समर्थकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाए। दीपके ने कहा कि किसी शहर को बंद करना और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर रोक लगाना ताकत का संकेत नहीं है, बल्कि यह उस नेतृत्व की घबराहट को दर्शाता है, जो अपनी ही जनता से डर रहा है।
मुंबई हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत के दौरान भी दीपके ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई रेलगाड़ियों को रद्द किए जाने और विभिन्न स्थानों पर कड़ी पाबंदियां लगाए जाने से यह स्पष्ट होता है कि सरकार प्रदर्शन को लेकर चिंतित है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से पहले ही जिस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है और समर्थकों पर कार्रवाई की जा रही है, उससे सरकार की बेचैनी जाहिर होती है।
दीपके ने बाद में एक्स पर एक और पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई और राष्ट्रीय राजधानी में लगाए गए प्रतिबंधों को ताकत का प्रतीक नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन अपनी बात रखने का एक माध्यम है और इसे लेकर की जाने वाली कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था व्यापक स्तर पर मजबूत की गई है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 25 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को लेकर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन पाबंदियों का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां विभिन्न क्षेत्रों में गतिविधियों पर नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
यातायात और आवाजाही पर भी असर
राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते लोगों को आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाए जाने से सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता भी बढ़ गई है। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय संबंधित परिवहन सेवाओं से जुड़ी ताजा जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज है और राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। एक ओर अभिजीत दीपके सरकार की तैयारियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन का ध्यान राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति कैसी रहती है और इसका राजनीतिक माहौल पर क्या असर पड़ता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।