Wed. Jul 8th, 2026

नेगोम्बो जेल कांड: 26 मौतों के बाद श्रीलंका सरकार ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

श्रीलंका : राजधानी कोलंबो के समीप स्थित नेगोम्बो जेल में हुई भीषण हिंसा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जेल के अंदर दो समूहों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते-देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस हिंसा में अब तक कम से कम 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में कैदियों के साथ-साथ जेल कर्मी भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा की शुरुआत रविवार को हुई थी, जो सोमवार तक जारी रही। हालात बेकाबू होने पर प्रशासन को जेल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़े। कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और फिलहाल जेल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

श्रीलंका के न्याय मंत्री हर्षणा नानायक्कारा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जेल विभाग उनके मंत्रालय के अधीन है, इसलिए वह इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मृतकों में सात जेल अधिकारी और 19 कैदी शामिल हैं। मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि जेल के भीतर कथित मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक गिरोह और उसका विरोध करने वाले दूसरे समूह के बीच टकराव हुआ था। यही विवाद बाद में बड़े पैमाने पर हिंसा में बदल गया। हालांकि जांच एजेंसियां अभी सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

उल्लेखनीय है कि श्रीलंका की जेल व्यवस्था लंबे समय से कई चुनौतियों का सामना कर रही है। देश की अनेक जेलों में क्षमता से अधिक कैदी, सुरक्षा संबंधी कमियां और जेल परिसरों में अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी समय-समय पर जेल सुधार और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जेलों के भीतर संगठित अवैध नेटवर्क सक्रिय रहते हैं, तो इस प्रकार की हिंसक घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि सुरक्षा उपायों के साथ-साथ खुफिया निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

हिंसा में घायल हुए 100 से अधिक लोगों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इनमें से कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।

घटना के बाद श्रीलंका सरकार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि जेल के भीतर कथित अवैध गतिविधियां किस प्रकार संचालित हो रही थीं और सुरक्षा व्यवस्था में किन स्तरों पर चूक हुई।

इस घटना ने एक बार फिर श्रीलंका की जेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार पर अब जेलों में भीड़ कम करने, सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने का दबाव बढ़ गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *