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उत्तराखंड में 73 लाख से अधिक आभा आईडी, दून मेडिकल कॉलेज में हुई कार्यशाला

देहरादून : राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अंतर्गत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की पहल पर दून मेडिकल कॉलेज में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य लाभार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ते हुए उन्हें एबीडीएम के महत्व, स्कैन एंड शेयर प्रणाली और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रही डिजिटल क्रांति के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना रहा।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान, सुरक्षित और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसके अंतर्गत आभा आईडी (ABHA ID), हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।

कार्यक्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रबंधक प्रज्ञा पालीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की गाइडलाइनों और राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में एबीडीएम का शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं के लाभ बताए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में स्थानीय मेलों, अस्पतालों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के दौरान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोगों की आभा आईडी बनाई जा रही है और उन्हें डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है।

प्रज्ञा पालीवाल ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में अब तक 73 लाख से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं, जबकि 9,737 हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री और 7,804 हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी हैं। शत-प्रतिशत एचपीआर और एचएफआर सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

कार्यशाला में एनएचए की टीम से कंसलटेंट प्रवीन कुमार और अनुराग के साथ दून मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग संवर्ग के अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद रहे। सभी प्रतिभागियों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया।

कार्यशाला के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक और मजबूत कदम उठाया गया है, जिससे भविष्य में आम नागरिकों को और अधिक सुगम, तेज और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

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