Sat. Jan 17th, 2026

राकेश टिकैत और रविंद्र सिंह आनंद की कर्ज और भुगतान संकट पर चर्चा

देहरादून : उत्तराखंड सरकार के पूर्व राज्य मंत्री एवं मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र सिंह आनंद ने प्रसिद्ध किसान नेता राकेश टिकैत से उनके मुजफ्फरनगर स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों में किसानों की वर्तमान स्थिति, उनकी जमीनी समस्याओं और कृषि नीतियों को लेकर गंभीर एवं विस्तृत चर्चा हुई।

भेंट के दौरान रविंद्र सिंह आनंद ने उत्तराखंड के किसानों की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि राज्य का किसान लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है और दिन-प्रतिदिन कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसे एक सप्ताह के भीतर किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को तत्काल राहत मिल सके।

रविंद्र आनंद ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार किसानों के हित में केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर न तो किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल पा रहा है और न ही बढ़ती कृषि लागत का कोई मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज, कीटनाशक और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन समर्थन मूल्य और सरकारी सहायता में कोई वास्तविक वृद्धि नहीं की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के किसानों की समस्याएं अलग-अलग हैं, इसके बावजूद सरकार की नीतियां सभी के लिए एक जैसी हैं, जिससे किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। रविंद्र सिंह आनंद ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो राज्य में कृषि से लोगों का मोहभंग होगा, जो भविष्य के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।

किसान नेता राकेश टिकैत ने भी उत्तराखंड के किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को संगठित रूप से उठाने की आवश्यकता है ताकि सरकार पर दबाव बनाकर नीतिगत बदलाव कराए जा सकें।भेंट के दौरान किसानों के हितों की रक्षा, कर्ज मुक्ति, फसल का उचित मूल्य, कृषि नीति में सुधार और किसान-केंद्रित निर्णयों को लेकर आगे संयुक्त प्रयास करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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