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सतपाल महाराज ने अधिकारियों को मुख्य मार्ग तुरंत दुरुस्त करने के दिए निर्देश

देहरादून : प्रदेश में बीती रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों और पुलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी दी कि अब तक 20 से 30 सड़कें और कई पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि अनेक संपर्क मार्ग पूरी तरह से कट गए हैं। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि मसूरी-देहरादून मार्ग पर शिव मंदिर के पास स्थित पुल भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए वैली ब्रिज तैयार किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश से बाधित मुख्य मार्गों को प्राथमिकता पर ठीक किया जाए और जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रेमनगर नंदा की चौकी के समीप टौंस नदी पर बने पुल को भी नुकसान हुआ है, जिसके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इस समस्या को देखते हुए एनएचएआई का मार्ग पूरी तरह खोल दिया गया है ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।

सिंचाई मंत्री ने बताया कि सौंग नदी के उफान ने मालदेवता क्षेत्र के पास स्थित सड़क को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। रायपुर चौक से मालदेवता की ओर जाने वाली सड़क का करीब 70 से 100 मीटर हिस्सा नदी में बह गया है। विभाग ने तुरंत इसकी मरम्मत शुरू कर दी है ताकि स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिल सके।

इसी तरह देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालतप्पड़ के जाखन नदी पुल का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है और यातायात को फिलहाल भानियावाला और नेपाली फार्म से होकर वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही पानी का स्तर कम होगा, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी प्रभावित मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए विभाग पूरी तरह सक्रिय है। मंत्री सतपाल महाराज ने यह भी कहा कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और यातायात को सामान्य करने के लिए अधिकारियों को निरंतर निगरानी में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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