सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर हमला, ईरान मुद्दे पर चुप्पी को बताया गैर-जिम्मेदाराना
Sonia Gandhi ने मंगलवार को प्रमुख दैनिक अखबार The Indian Express में प्रकाशित अपने लेख के जरिए प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की कथित ‘लक्षित हत्या’ पर भारत सरकार की चुप्पी को “जिम्मेदारी से पीछे हटना” करार दिया।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष ने कहा कि संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लगातार टूटते ढांचे और इस मुद्दे पर सरकार की “चिंताजनक चुप्पी” पर खुलकर और बिना किसी टालमटोल के चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने अपने लेख में लिखा कि भारत को अपनी नैतिक शक्ति को “पुनः खोजने” और उसे स्पष्टता व प्रतिबद्धता के साथ व्यक्त करने की तत्काल आवश्यकता है।
सोनिया गांधी ने उल्लेख किया कि एक मार्च को ईरान ने पुष्टि की कि उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली हुसैनी खामेनेई की हत्या अमेरिका और इजराइल द्वारा एक दिन पहले किए गए लक्षित हमलों में कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि चल रही वार्ताओं के बीच किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की हत्या समकालीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक गंभीर दरार पैदा करती है। उनके अनुसार, इस स्तब्ध कर देने वाली घटना के बाद भी नई दिल्ली की चुप्पी हैरान करने वाली है और भारत सरकार ने न तो इस हत्या और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन की स्पष्ट निंदा की है।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी हाल के दिनों में खाड़ी देशों और इजराइल के नेताओं के संपर्क में रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि भारत का मौजूदा रुख एक पक्ष की ओर झुका हुआ प्रतीत होता है, जिससे परंपरागत रूप से संतुलित मानी जाने वाली भारत की विदेश नीति प्रभावित हो सकती है।
सोनिया गांधी के इस लेख के बाद संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नोकझोंक के आसार बढ़ गए हैं। विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है, जबकि सरकार की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।