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स्वच्छ भारत मिशन के तहत देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित

देहरादून : स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को सफल बनाने के उद्देश्य से शहरी विकास निदेशालय द्वारा देहरादून में एक दिवासीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ शहरी विकास के निदेशक विनोद गोस्वामी ने दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यशाला में स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी प्रमुख सूचकांकों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें दृश्यमान स्वच्छता, घर.घर कचरा संग्रहण स्रोत पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधनए सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की उपलब्धता एवं रखरखाव नागरिक फीडबैक तथा जन सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों में बेहतर प्रदर्शन तथा निर्धारित अंको में सर्वाधित अंक प्राप्त करने पर ही शहरों की रैंकिंग तय करता है।

इस अवसर पर ओ.डी.एफ., ओ.डी.एफ+, ओ.डी.एफ++ एवं वाटर+ प्रमाणन से संबंधित मानकों की भी जानकारी दी गई। ओ.डी.एफ के तहत खुले में शौच से पूर्ण मुक्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया जबकि ओ.डी.एफ+ में सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं बेहतर रखरखाव को आवश्यक बताया गया।

ओ.डी.एफ++ के अंतर्गत फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधन को सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने पर जोर दिया गया। वहीं वाटर+ के तहत अपशिष्ट जल के उपचारए पुन: उपयोग एवं जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त ठोस प्रबन्धन नीति 2026 पर भी विशेषज्ञो के द्वारा जानकारी प्रदान करते हुये कहा कि अब श्रोत पर कूडा पृथक्कीकरण अब चार भागों-गीला कूडा, सूखा कूडा, स्पेशल केयर वेस्ट एवं सेनेट्री वेस्ट में पृथक-पृथक किया जाना है।

शहरी विकास के निदेशक विनोद गोस्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं हैए इसके लिए जन.जन की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी नगर निकायों को निर्देश दिए कि वे स्वच्छ सर्वेक्षण के सभी सूचकांकों पर गंभीरता से कार्य करते हुए नवाचारों को अपनाएं तथा नागरिकों को जागरूक करें।कार्यशाला के दौरान शहरी विकास निदेशालय के संयुक्त निदेशक अवधेश कुमार, नगर निकायों से नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी व सफाई निरीक्षको, अधिशासी अभियन्ता रचना पायल, योजना के विशेषज्ञ एवं नाॅलेज पार्टनर के विषय विशेषज्ञ आदि उपस्थित रहे। आदि उपस्थित थे।

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