Sun. Jun 28th, 2026

नकल विरोधी सख्त कानून से 25 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी : मुख्यमंत्री

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उत्तराखण्ड सी.एस.आर. डायलॉग कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल क्लासरूम का वर्चुअल शुभारंभ किया। कार्यक्रम में एक्सिस बैंक समूह के साथ राज्य के 24 विद्यालयों के डिजिटलीकरण के लिए तथा टोयटा के साथ पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में सी.एस.आर. गतिविधियां संचालित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट हाउस सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत उत्तराखण्ड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान कर रहे हैं। आईआईएफसीएल, मैनकाइंड, अवाना फाउंडेशन, टोयटा, नेस्ले, टीएचडीसी, आईआरसीटीसी, एचडीएफसी और ब्रिटानिया जैसी संस्थाएं राज्य में विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का संचालन कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से अब तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। औद्योगिक, लॉजिस्टिक, स्टार्टअप और एमएसएमई सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराया गया है। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है और 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी उपलब्ध कराया गया है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। राज्य में पहली बार 12वीं के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से 146 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ। इसके अलावा बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार कर उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री ने नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए बनाए गए कड़े कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में सफलता मिली है। अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग युवाओं का भविष्य अंधकारमय करने के लिए पेपर लीक कराने का षड्यंत्र रच रहे हैं, लेकिन सरकार ऐसे माफियाओं को जड़ से समाप्त किए बिना चैन से नहीं बैठेगी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, टोयटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *