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स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से हिरासत में, दिल्ली पुलिस ने बनाया था खास प्लान

दिल्ली :  पुलिस ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है। पुलिस को उसके बुलंदशहर में मौजूद होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम ने उसे पकड़ने के लिए विशेष योजना बनाई। टीम सादे कपड़ों में वहां पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। इससे पहले खबरें थीं कि स्वतंत्र भारद्वाज घटना के बाद फरार हो गया था और हेलमेट पहनकर बाइक से भाग निकला था।

इससे पहले निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट के मामले को लेकर शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर दिनभर गहमागहमी रही। पीड़िता निशु आजाद, उनके पिता संजय आजाद, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद, सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अधिवक्ता ऋषभ रंजन ने मीडिया से बातचीत कर पुलिस के साथ हुई वार्ता की जानकारी दी।

सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से आरोपी के समर्थक उन्हें गालियां और रेप की धमकियां दे रहे थे। उन्होंने बताया कि इन लोगों के खिलाफ उन्होंने एफआईआर भी दर्ज कराई है और अब उन्हें उम्मीद है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

निशु ने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों और सोशल मीडिया पर उनके अश्लील स्टिकर बनाए जाने का उनकी जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि डर और मानसिक तनाव के कारण वह दो-तीन सप्ताह तक कॉलेज भी नहीं जा सकीं। उन्होंने कहा कि जब वह अब कॉलेज जाती हैं तो उन्हें लगता है कि लोग उन्हें जज कर रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। निशु ने उम्मीद जताई कि पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी, ताकि उन्हें आगे इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

निशु के पिता संजय आजाद ने बताया था कि दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में उचित कानूनी धाराएं जोड़ने की उनकी मांग मान ली है और पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली पुलिस और संविधान पर पूरा भरोसा है।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस अपने आश्वासन को पूरा करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हुई घटना के बाद भी आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। सौरव दास ने सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, लेकिन स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में कार्रवाई में देरी क्यों हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी जंतर-मंतर पर निशु आजाद को धमकाने आया था और वहां गंभीर अपराध की घटना हुई थी।

हालांकि अब दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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