पारदर्शी और तेज सर्वे से किसानों को मिलेगा समय पर मुआवजा: कृषि मंत्री
देहरादून : प्रदेश में हाल ही में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर गंभीर असर डाला है, जिसे देखते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ तौर पर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों को राहत देने में किसी भी प्रकार की देरी न हो और पूरी प्रक्रिया त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पूरी की जाए। मंत्री ने कहा कि किसानों की आजीविका सीधे तौर पर उनकी फसलों पर निर्भर करती है, ऐसे में प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कृषि मंत्री ने कृषि एवं उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का जल्द से जल्द स्थलीय निरीक्षण किया जाए और नुकसान का वास्तविक आंकलन तैयार किया जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सर्वे कार्य केवल औपचारिकता न हो, बल्कि पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ किया जाए ताकि कोई भी प्रभावित किसान सूची से बाहर न रह जाए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण की रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे राहत वितरण प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
दूरभाष पर निदेशक कृषि से वार्ता करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर उन क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहां फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त सर्वे कराया जाए, ताकि आंकलन में सटीकता बनी रहे और किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना कम हो। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल से ही कार्य में गति आएगी और किसानों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही नुकसान का आकलन किया जाएगा और उसी के आधार पर पात्र किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रभावित किसान को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत वितरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही कृषि मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ किसानों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि सर्वे कार्य में तेजी के साथ-साथ गुणवत्ता भी बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर राहत मिलने से किसानों का मनोबल बना रहेगा और वे दोबारा अपनी खेती को संभालने में सक्षम हो पाएंगे।
कुल मिलाकर, मंत्री गणेश जोशी ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी होगी, ताकि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द की जा सके और प्रदेश के किसानों को राहत मिल सके।