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योग दुनिया के लिए बना आरोग्य का वरदान: रेखा आर्या

देहरादून : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देहरादून के यमुना कॉलोनी स्थित अधिकारी क्लब में एक भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में शहर की जानी-मानी हस्तियों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने एक घंटे तक विभिन्न योगासन और प्राणायाम कर स्वस्थ जीवन की प्रेरणा ली। यह आयोजन दर्जनभर से अधिक संस्थाओं के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसने आयोजन को एक व्यापक और समावेशी स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने भी सहभागिता की और लगभग एक घंटे तक विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “योग भारतीय ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो आज पूरे विश्व को आरोग्य, संतुलन और मानसिक शांति की दिशा दिखा रहा है। जब पूरी दुनिया अनियमित जीवनशैली और तनाव के कारण मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह जैसी बीमारियों से जूझ रही है, ऐसे में योग उनके लिए एक प्राकृतिक और प्रभावशाली समाधान बनकर उभरा है।”

मंत्री रेखा आर्या ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज योग एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा, “भारत की इस प्राचीन ज्ञान परंपरा को विश्वमंच पर स्थापित करने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका ऐतिहासिक रही है। आज 150 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योगाभ्यास कर रहे हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है।”

रेखा आर्या ने युवाओं को योग से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि, “हर आयु वर्ग के लोगों को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करना चाहिए। इससे न केवल उनका शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, बल्कि मानसिक संतुलन और कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। विशेषकर युवाओं के लिए यह आत्मविकास और उत्पादकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।”

इस अवसर पर राज्य सरकार के एक और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला, सामाजिक कार्यकर्ता लीना झालानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ यह संदेश दिया कि “योग को अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने प्रतिदिन योग को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। आयोजन स्थल पर योग शिक्षकों द्वारा विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया, जिनमें ताड़ासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम, और कपालभाति प्रमुख रहे।

इस अवसर ने न केवल शारीरिक रूप से लाभकारी अभ्यासों को मंच प्रदान किया, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना को भी एकजुटता के साथ सजीव किया। योग दिवस की यह पहल एक सकारात्मक और स्वास्थ्यवर्धक समाज की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध हुई।

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