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इंस्टाग्राम पर प्रेमजाल, फिर शादी, धर्म परिवर्तन और जिस्मफरोशी में धकेली गई युवती

बरेली: कोलकाता की एक युवती की आपबीती ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवती को सोशल मीडिया के जरिए प्रेमजाल में फंसाकर न केवल उसका धर्म परिवर्तन कराया गया, बल्कि उसे जबरन जिस्मफरोशी के दलदल में भी धकेल दिया गया। युवती चार महीने तक आरोपी के चंगुल में फंसी रही और किसी तरह भागकर थाने पहुंची, जहां उसने अपनी आपबीती पुलिस को सुनाई।

पीड़िता ने बताया कि उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर बख्तावर नामक युवक से हुई थी, जो बहेड़ी थाना क्षेत्र के मंडनपुर शुमाली गांव का रहने वाला है। बख्तावर ने खुद को हिंदू बताया और लंबे समय तक बातचीत कर युवती का विश्वास जीत लिया। बातों-बातों में प्रेम का इज़हार हुआ और फिर शादी का झांसा देकर उसे बुला लिया। जब युवती वहां पहुंची, तो बख्तावर ने उसकी मांग में सिंदूर भर दिया और खुद को उसका पति बताया। इसके बाद उसके साथ शारीरिक संबंध भी बनाए। युवती को शुरुआत में यह सब प्रेम और विवाह का हिस्सा लगा, लेकिन जल्द ही सच्चाई सामने आ गई।

जब वह आरोपी के घर पहुंची, तब पता चला कि बख्तावर मुस्लिम है। जब युवती ने इसका विरोध किया, तो उसे बुरी तरह पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। उसे बंधक बनाकर रखा गया और किसी से संपर्क न हो सके, इसके लिए उस पर कड़ी निगरानी रखी गई। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे जबरन मांस खिलाया और उसके धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। इसके साथ ही उसे नशे के इंजेक्शन देकर अपने दोस्तों के सामने पेश किया जाता रहा। होटलों में ले जाकर उससे जबरन जिस्मफरोशी कराई गई। आरोपी की मां भी इस सबमें शामिल रही।

पीड़िता ने बताया कि इस दौरान वह गर्भवती हो गई, लेकिन बख्तावर की मां ने उसे एक निजी अस्पताल में ले जाकर जबरन गर्भपात करवा दिया। युवती ने कहा कि डर और धमकियों के कारण वह चुप रही, लेकिन जब उसे एक अवसर मिला, तो वह किसी तरह भागकर थाने पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि चार महीने तक वह प्रताड़ना, शोषण और अपमान की पीड़ा सहती रही।

युवती की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद बहेड़ी पुलिस ने आरोपी बख्तावर और उसके माता-पिता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बहेड़ी थाने के इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

यह मामला केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि उन साजिशों और खतरनाक प्रवृत्तियों को उजागर करता है जो आज सोशल मीडिया के ज़रिए मासूम लड़कियों को निशाना बना रही हैं। युवती की बहादुरी से इस अत्याचार का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन यह घटना समाज को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर रही है कि महिलाओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया की निगरानी को लेकर अभी भी कई स्तरों पर मजबूत कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

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