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ईद मिलादुन्नबी पर इस्लामिया स्कूल में हुआ एक रोज़ा जलसा

सैदपुर : ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बस्ती में दूसरे दिन मोहल्ला खेड़ा स्थित इस्लामिया स्कूल में एक रोज़ा जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम का आगाज़ हाफिज़ मोहम्मद हनीफ साहब ने तिलावते कुरआन पाक से किया। इसके बाद नात-ए-रसूल ﷺ और बात ख्वानी का सिलसिला शुरू हुआ।

जलसे के दौरान हाफिज़ गुलाम अली, सय्यद शाने अली, जहीरुल उल हसन और सय्यद आतिफ अली ने नात-ए-रसूल ﷺ पेश कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने भी पूरे जोश और अकीदत के साथ नातें पढ़ीं, जिसे सुनकर मौजूद लोगों ने बच्चों की खूब हौसला-अफजाई की।

कार्यक्रम में मेहमान-ए-खुसूसी के रूप में काशीपुर से तशरीफ लाए हजरत मौलाना दिलशाद अहमद ने अपने बयान में “इस्लाम एक सच्चा दीन है” विषय पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने इस्लाम की शिक्षाओं, इंसानियत, भाईचारे, अमन और नेक रास्ते पर चलने की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसान को आपसी मोहब्बत, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद करने का पैगाम देता है।

इसके अलावा बस्ती के उलेमाए किराम ने भी अपने खिताब के जरिए लोगों को दीन-ए-इस्लाम की शिक्षाओं पर अमल करने, समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने और नई पीढ़ी को धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा देने की जरूरत पर जोर दिया। वक्ताओं ने पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ﷺ की जिंदगी और उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की।

जलसे की निजामत हाफिज़ इरशाद-उल-कादरी साहब ने बखूबी अंजाम दी। कार्यक्रम के दौरान कफील खान, अब्दुल रहमान, कमरुद्दीन शेख, अंजारुल हक, विरासत अली मेंबर, आजम शेख मेंबर, मुख्लिस रहमान, अजहरुद्दीन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली, भाईचारे और तरक्की के साथ-साथ कौम की बेहतरी के लिए विशेष दुआ की गई। दुआ के बाद जलसे का समापन हुआ।

रिपोर्ट: ज़ीशान सिद्दीकी, सैदपुर

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