27 सेकंड में उजड़ गई मासूम की जिंदगी, हत्यारे विराज को फांसी
फिरोजाबाद : शिकोहाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने एक दिन पहले उसे दोषी करार दिया था। शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के दौरान आरोपी भावुक होकर रोने लगा।
पुलिस अभिरक्षा में आरोपी को दोपहर करीब ढाई बजे जेल से अदालत लाया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पूरी तरह पर्याप्त हैं और यह अपराध अत्यंत जघन्य श्रेणी का है। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस आरोपी को वापस जेल ले गई। इस दौरान उसके चेहरे पर डर और घबराहट साफ दिखाई दे रही थी। वहीं, मृतक बच्चे की नानी पिंकी देवी भी अदालत में मौजूद रहीं और फैसले पर संतोष जताया।
गौरतलब है कि 30 मई की दोपहर शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में आरोपी ने अपनी रिश्ते की भाभी रति पर शादी के लिए दबाव बनाया था। जब उसकी बात नहीं मानी गई, तो उसने रति के डेढ़ वर्षीय बेटे आरव को टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर घर से बाहर ले गया। घर से करीब 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर उसने महज 27 सेकंड के भीतर मासूम को कई बार जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी बच्चे के शव को घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया था।
पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी। पुलिस ने उसी रात मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी।पुलिस जांच में सामने आया कि मूल रूप से अरांव की रहने वाली रति देवी की शादी फरवरी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी। पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते वह पिछले करीब पांच महीने से मायके में रह रही थी। इसी दौरान सुमित के फुफेरे भाई विराज ने रति के करीब आने की कोशिश की और बाद में उससे शादी का प्रस्ताव रखा। रति द्वारा प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।