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चार नवंबर से बारिश-बर्फबारी के आसार, शीतलहर करेगी परेशान

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने लगा है। राज्य के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में शीतलहर दस्तक देने को तैयार है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में कोहरा ठंडक का असर और बढ़ाने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार से राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

केंद्र के अनुसार चार नवंबर को देहरादून समेत उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। साथ ही 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कहा कि इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सुबह और शाम के समय ठंड का असर और अधिक बढ़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों में बर्फबारी का असर निचले इलाकों तक देखने को मिलेगा। पहाड़ की ठंडी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ेंगी, जिससे हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून के निचले हिस्सों में कोहरा छा सकता है। इससे दृश्यता प्रभावित होगी और तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह बदलाव उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से हो रहा है, जो अगले 24 से 48 घंटे तक सक्रिय रह सकता है। इसके बाद छह से आठ नवंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है।

इस बीच प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी लेने और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे बर्फबारी की संभावना को देखते हुए अपनी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के उचित उपाय कर लें।

राज्य के पर्वतीय जिलों में सर्द हवाओं का असर अब स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। सुबह और रात के समय तापमान तेजी से गिरने लगा है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में अब तक ठंड सीमित थी, लेकिन कोहरा छाने के बाद आने वाले दिनों में यहां भी सर्दी बढ़ने के आसार हैं।

उत्तराखंड के मौसम में इस बदलाव के साथ ही सर्दी के मौसम की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है। लोग गर्म कपड़ों की ओर रुख कर रहे हैं, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की उम्मीद से पर्यटन स्थलों पर रौनक बढ़ने लगी है।

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