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जेसीबी से पाइपलाइन फटी, गैस रिसाव से मचा हड़कंप, पुलिस और गेल की टीम मौके पर

देहरादून : सोमवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया, जब पित्थुवाला क्षेत्र में सड़क किनारे नाले की सफाई के दौरान चल रही जेसीबी मशीन से अचानक पीएनजी गैस पाइपलाइन फट गई। पाइपलाइन फटते ही जोरदार आवाज के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और गैस कंपनी को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस टीम और गेल इंडिया लिमिटेड (GAIL) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया गया। गैस रिसाव के चलते किसी प्रकार की चिंगारी या आग लगने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को तत्काल वहां से दूर हटा दिया।

करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद गेल के तकनीकी दल ने सेफ्टी वॉल्व बंद कर पाइपलाइन की मरम्मत शुरू की। मौके पर मौजूद टीम ने बताया कि गैस पाइपलाइन 63 मिलीमीटर की थी, जो नाले के किनारे भूमिगत रूप से बिछाई गई थी। घटना के दौरान सौभाग्य से कोई व्यक्ति या वाहन उस स्थान के आसपास नहीं था, वरना एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

गेल के जीएम अंबुज गौतम ने बताया कि प्राथमिक जांच में पाया गया है कि नाले की खुदाई बिना अनुमति के की जा रही थी। जेसीबी चालक ने बिना यह जांचे कि नीचे गैस लाइन गुजर रही है या नहीं, सीधे मशीन चला दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि जानलेवा हादसों का कारण भी बन सकती है। भविष्य में इस तरह के निर्माण या खुदाई कार्य से पहले संबंधित विभाग से अनुमति लेना आवश्यक है, ताकि भूमिगत पाइपलाइन, बिजली या पानी की लाइनों को क्षति न पहुंचे।

कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि गैस पाइपलाइन फटने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत क्षेत्र में पहुंचकर सुरक्षा के सभी इंतजाम किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 मिनट तक गैस का रिसाव जारी रहा, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। गनीमत यह रही कि आस-पास किसी प्रकार की चिंगारी नहीं उठी, अन्यथा घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी।

गेल अधिकारियों की तहरीर पर पुलिस ने जेसीबी चालक के खिलाफ लापरवाही और बिना अनुमति कार्य करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल पाइपलाइन की मरम्मत कर गैस सप्लाई को बहाल कर दिया गया है। स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर में हो रहे विकास कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर कितनी सतर्कता बरती जा रही है।

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