अंकिता को न्याय दिलाने सड़क पर उतरी कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता
देहरादून : अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर, पोस्टर और राखी लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं न्याय मार्च में शामिल हुईं और सरकार से मामले में न्याय दिलाने के साथ-साथ कई अहम सवालों का जवाब देने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने और कथित वीआईपी प्रकरण की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग उठाई।
कांग्रेस की ओर से आयोजित यह न्याय मार्च हाथीबड़कला से शुरू हुआ। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने के लिए निकले। मार्च में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल रहीं। महिलाओं के हाथों में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग वाले बैनर और पोस्टर थे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से अंकिता हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों का जवाब देने और मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की जनता के मन में आज भी कई सवाल हैं। पार्टी ने मांग की कि मामले की जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाए और सीबीआई जांच की अब तक की प्रगति को जनता के सामने रखा जाए। इसके साथ ही जिस वीआईपी का जिक्र इस प्रकरण में लगातार होता रहा है, उससे जुड़े तथ्यों को भी सार्वजनिक करने की मांग कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उठाई।
हाथीबड़कला से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। पुलिस द्वारा आगे जाने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने नहीं लाया जाता, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी।
कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी केवल उत्तराखंड की बेटी नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का सवाल है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले में पारदर्शिता बरतने, जांच की स्थिति स्पष्ट करने और कथित वीआईपी प्रकरण की सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की। पुलिस बैरिकेडिंग पर रोके जाने के बाद भी कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जारी रखा और धरने पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।