देहरादून में डिजिटल अरेस्ट कर दंपती से 45.85 लाख की ठगी
देहरादून : प्रेमनगर क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक दंपती को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 45.85 लाख रुपये ठग लिए। बिधोली गांव निवासी दंपती को आरोपियों ने खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर अपने जाल में फंसाया। मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आतंकी हमले में होने और जांच में फंसने का भय दिखाने के साथ ही आरोपियों ने उनके तीनों बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी धमकाया। करीब 60 घंटे तक वीडियो कॉल पर रखकर दंपती को किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया। डर के चलते पीड़ितों ने 21 से 27 अगस्त के बीच पांच बार में रकम ट्रांसफर कर दी। अब आठ अक्तूबर को पुलिस से शिकायत कर उन्होंने रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, विजयपाल धीमान और उनकी पत्नी पुष्पा धीमान को 16 अगस्त के आसपास अज्ञात लोगों के फोन आने शुरू हुए। फोन करने वालों ने खुद को मुंबई स्थित एटीएस मुख्यालय और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। इनमें से एक ने अपना नाम सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताया। आरोपियों ने दंपती से कहा कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आतंकी हमले में हुआ है और वे जांच के दायरे में हैं। इसके बाद उन्हें डराकर तीनों बच्चों के बारे में जानकारी ली गई और उनकी जान को खतरा होने की बात कही गई।
आरोपियों ने दंपती को लगातार फोन और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए अपने संपर्क में रखा। शिकायत के मुताबिक, उन्हें किसी से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। अंतिम दौर में एक वीडियो कॉल करीब 60 घंटे तक जुड़ी रही। इस दौरान ठगों ने जांच का हवाला देते हुए दंपती को आरबीआई के खाते में रकम जमा कराने के निर्देश दिए। भयभीत दंपती आरोपियों के झांसे में आ गए और 21 से 27 अगस्त के बीच पांच बार में कुल 45.85 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। डर के कारण उन्होंने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। ठगी का एहसास होने के बाद दंपती ने आठ अक्तूबर को पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की।