डीएम कार्यालय परिसर में कथित अवैध कब्जे पर सख्ती, मस्जिद हटाने के आदेश जारी
सहारनपुर : सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के एक मामले में सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में बने कथित अवैध मस्जिदनुमा निर्माण को हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही सरकारी जमीन पर कब्जा और उसके व्यावसायिक उपयोग के आरोप में संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला बजरंग दल के पूर्व क्षेत्रीय समन्वयक विकास त्यागी की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कलेक्ट्रेट परिसर, जिसे प्रशासनिक और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, वहां बिना वैध अनुमति के धार्मिक ढांचा बनाया गया था। शिकायत के अनुसार परिसर का उपयोग केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वहां एक डाकघर भी संचालित हो रहा था और कई कमरों को बाहरी लोगों को किराए पर दिया गया था। आरोप है कि इन कमरों और डाकघर से मिलने वाला किराया मस्जिद प्रबंधन द्वारा वसूला जाता था।
विकास त्यागी का कहना है कि उन्होंने जनवरी 2025 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस मामले की शिकायत की थी। उनके अनुसार शिकायत के बाद प्रशासनिक जांच कराई गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। अब सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है।
शिकायतकर्ता ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द आदेश का पालन कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी भूमि के कथित दुरुपयोग को देखते हुए लगाए गए जुर्माने की राशि और बढ़ाई जानी चाहिए।हालांकि, इस मामले में संबंधित मस्जिद प्रबंधन या दूसरे पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।