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केदारघाटी में मौसम बिगड़ने पर हेलीकॉप्टर की ऊखीमठ में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग

रुद्रप्रयाग / देहरादून: केदारघाटी में शुक्रवार को मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली, जिसके चलते हवाई सेवाओं पर असर देखने को मिला। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण एक हेलीकॉप्टर को निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ने के बजाय ऊखीमठ में एहतियातन इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। घटना के दौरान हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहे, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंडन कंपनी का हेलीकॉप्टर फाटा से बदरीनाथ के लिए निर्धारित उड़ान पर रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान केदारघाटी क्षेत्र में मौसम तेजी से खराब होने लगा। आसमान में घने बादल छा गए और दृश्यता प्रभावित होने लगी। ऐसे हालात को देखते हुए पायलट ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल निर्णय लिया और हेलीकॉप्टर को ऊखीमठ स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान में सुरक्षित रूप से उतार दिया।

बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर करीब दोपहर 2:25 बजे मैदान में उतारा गया। पायलट ने मौसम की स्थिति का आकलन करते हुए किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए यह कदम उठाया। हेलीकॉप्टर के सुरक्षित उतरने के बाद स्थानीय लोगों और संबंधित अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। मैदान में कुछ समय तक हेलीकॉप्टर खड़ा रहा और इस दौरान मौसम में सुधार की संभावना का इंतजार किया गया।

करीब 40 मिनट तक रुकने के बाद मौसम में आंशिक सुधार दिखाई देने पर हेलीकॉप्टर ने दोबारा उड़ान भरने का प्रयास किया। हालांकि, उड़ान के कुछ समय बाद ही मौसम फिर से प्रतिकूल होने लगा। केदारघाटी और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता बढ़ने और दृश्यता कम होने के कारण पायलट ने जोखिम उठाने के बजाय हेलीकॉप्टर को वापस फाटा लौटाने का फैसला किया। अपराह्न लगभग 3:05 बजे हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से फाटा वापस पहुंच गया।

चारधाम यात्रा के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का अचानक बदलना आम बात है। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन पूरी तरह मौसम की अनुकूलता और सुरक्षा मानकों पर निर्भर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरते समय पायलटों को मौसम की लगातार निगरानी करनी पड़ती है और थोड़ी सी भी प्रतिकूल स्थिति होने पर सुरक्षा के मद्देनजर वैकल्पिक निर्णय लेने पड़ते हैं।

इस घटना में पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण सभी यात्री सुरक्षित रहे। खराब मौसम के बावजूद सुरक्षित लैंडिंग और बाद में स्थिति को देखते हुए वापस लौटने के निर्णय को यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन और विमानन कंपनियां भी लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुचारु बनी रहे।

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