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भारी बारिश से सरयू, अलकनंदा और गंगा समेत कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में खतरे की स्थिति पैदा कर दी है। मौसम विज्ञान विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन ने अगले 24 घंटों के भीतर बाढ़ और जलभराव की आशंका जताते हुए राज्य के अल्मोड़ा, देहरादून, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारी बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते प्रभावित क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है और प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने भी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। केंद्र ने चेतावनी दी है कि देहरादून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और नैनीताल में नदियों और बरसाती धाराओं का जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग हिमालयी गंगा मंडल की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि देहरादून में सौंग और गंगा नदी, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग में अलकनंदा, बेतालघाट में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और खतरे की रेखा से ऊपर बह रहा है।

इसी तरह, रामगंगा, पिथौरागढ़ जिले की गौरी गंगा और बंगापानी में धौलीगंगा का जलस्तर भी चेतावनी स्तर को पार कर चुका है। वहीं, कंज्योति क्षेत्र में धौलीगंगा के तेज बहाव ने खतरे को और बढ़ा दिया है। पिथौरागढ़ जिले में सरयू नदी भी चेतावनी स्तर से ऊपर है। टिहरी गढ़वाल की अगलार नदी और पौड़ी-टिहरी गढ़वाल जिले में बहने वाली गंगा, अलकनंदा और भागीरथी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी खतरे की रेखा से ऊपर बह रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।

बारिश का यह दौर न सिर्फ नदी-नालों में उफान ला रहा है, बल्कि निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की स्थिति भी बना रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, नदी किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी उपायों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल, राज्य में नदियों के उफान और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बचाव दलों को सक्रिय कर दिया गया है और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि से बचा जा सके।

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