Sun. Apr 19th, 2026

बरेली में हिंसा के बाद पुलिस ने मौलाना तौकीर रज़ा खान को गिरफ्तार किया

बरेली : पुलिस ने शनिवार को स्थानीय मौलवी एवं इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खान को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि रज़ा ने ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान के समर्थन में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसके बाद शुक्रवार की नमाज़ के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं जिनमें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और उपद्रव की घटनाएँ दर्ज की गईं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार रज़ा ने शुक्रवार रात एक वीडियोज्ञप्ति जारी कर मामले के官方 बयानों को चुनौती दी थी। वीडियो में उन्होंने झड़पों में घायल हुए प्रदर्शनकारियों को बधाई दी और कहा कि वे युवा जिन्होंने प्रदर्शन किया, उनकी सराहना करते हैं। रज़ा ने यह भी दावा किया कि उन्हें अपने अनुयायियों से संबोधित होने से रोका गया और नज़रबंद कर दिया गया। वीडियो में उन्होंने ज़िला मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रस्तुत करने में अपनी असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा कि मुसलमानों पर लगातार हो रहे हमलों की ओर ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता है और मामले में कानूनी हस्तक्षेप की मांग की।

हालिया घटनाक्रम के मद्देनज़र अभियोजकीय और पुलिस कार्रवाइयाँ तेज कर दी गई हैं। स्थानीय पुलिस उच्चस्तरीय तकनीकी व फुटेज जांच के साथ-साथ घटनास्थल के साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान तथा गिरफ्तारी कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया या कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली की घटनाओं पर शनिवार को कड़ा रुख अपनाया और कहा कि कानून-व्यवस्था में खलल डालने वालों को सख्त सबक सिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि दंगे-फसाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी शरारती तत्व कानून की सीमा लाँघेंगे, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि दंगों को अंजाम देने वालों को ऐसी शिक्षा दी जाएगी कि आने वाली पीढ़ियाँ दंगा करने से ही दूर रहें।

घटना के बाद प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए और प्रभावित इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी। साथ ही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से राज्य अथवा जिला प्रशासन द्वारा आवश्यकता पड़ने पर संचार माध्यमों पर नियंत्रण और प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर भी विचार किया गया।

स्थानीय नागरिकों में भय और बेचैनी छाई हुई है; व्यापारिक प्रतिष्ठान व बाजार प्रभावित रहे और अनेक स्थानों पर जीवन-यापन सामान्य रूप से ठहर गया। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर के दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा सार्वजनिक सुरक्षा एवं व्यवस्था बहाल रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मामले में आगे की कार्रवाइयों तथा गिरफ्तारियों व जांच रिपोर्ट के आने पर प्रशासन अतिरिक्त जानकारी देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *