मानसून में बढ़ा H1N1 का प्रकोप, दिल्ली में 1,349 केस
दिल्ली : मानसून के साथ ही वायरल इंफेक्शन और फ्लू के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। राजधानी में इस साल अब तक H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के 1,349 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, खांसी और तेज बुखार की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों के मुताबिक, जांच में H1N1 संक्रमण के मामलों में भी इजाफा दर्ज किया गया है। कुछ अस्पतालों में रोजाना ऐसे कई मरीज सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। H1N1 और डेंगू से संक्रमित मरीजों के लिए अलग वार्ड और विशेष कमरे भी आरक्षित किए गए हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि H1N1 के ज्यादातर मामले हल्के होते हैं और सामान्य तौर पर कुछ दिनों में मरीज की हालत में सुधार आने लगता है। इसके बावजूद लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
स्वाइन फ्लू में बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, नाक बहना या बंद होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है।विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के दौरान तापमान और मौसम में अचानक बदलाव भी इन्फ्लूएंजा वायरस के फैलने की वजह बन सकता है।
हालांकि, अगर किसी मरीज को सांस लेने में परेशानी, सांस फूलना, सीने में दर्द या होंठ नीले पड़ने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।यानी दिल्ली में बढ़ते H1N1 मामलों के बीच सावधानी बेहद जरूरी है। फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा।