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धराली-हर्षिल मार्ग बहाली के निर्देश, जियोलॉजिस्ट टीम सोमवार को रवाना

देहरादून : धराली ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का तीन दिन तक आपदा क्षेत्र में उनके साथ रहकर हौसला बढ़ाने, प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों और त्वरित प्रशासनिक निर्णयों के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली के लोग मेरे अपने हैं और उनका बेहतरीन विस्थापन किया जाएगा, इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं होगी। उन्होंने आपदा में ध्वस्त कल्प केदार देवता मंदिर के पुनर्निर्माण की भी घोषणा की।

आपदा कंट्रोल रूम, आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सीएम धामी ने निर्देश दिए कि धराली-हर्षिल मार्ग को युद्धस्तर पर बहाल कर मंगलवार तक सुचारु किया जाए। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि लिमचीगाड़ ब्रिज चालू होते ही हर्षिल तक सड़क कनेक्टिविटी दो दिन में बहाल हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को 108 बेघर परिवारों से निरंतर संपर्क बनाए रखने, उन्हें तात्कालिक रूप से रहने, भोजन, दवाइयों व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र के चैनलाइजेशन के लिए सोमवार सुबह आईआईटी रुड़की, सीएसआरई और अन्य एजेंसियों के जियोलॉजिस्ट की टीम भेजने के आदेश दिए।

सीएम धामी ने आठ विभागों से प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर सात दिन में निजी और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तात्कालिक सहायता राशि शीघ्र वितरित की जाए और इस पर किसी भी प्रकार की नकारात्मकता या भ्रामक प्रचार से बचा जाए।

रक्षाबंधन के दिन भी राहत और बचाव कार्यों में लगे अधिकारियों, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, विभिन्न एजेंसियों और सेना के जवानों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी निष्ठा और हिम्मत प्रशंसनीय है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, संबंधित विभागों के सचिव, जिलाधिकारी उत्तरकाशी और पौड़ी सहित धराली के ग्राम प्रधान और ग्रामीण वर्चुअल माध्यम से जुड़े।डीएम पौड़ी स्वाति भदौरिया ने बताया कि जिले के 338 गांव आपदा प्रभावित हैं। सैंजी गांव के क्षतिग्रस्त घरों का आकलन कर अब तक 50.86 लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। राहत कार्य मिशन मोड पर जारी हैं।

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