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बुजुर्गों में ऑस्टियोपोरोसिस और अर्थराइटिस जैसी बीमारियों पर चर्चा

देहरादून : इंडियन ऑर्थोपीडिक एसोसिएशन के तहत बोन एंड जॉइंट वीक 2025 का आयोजन 3 से 10 अगस्त तक संजय ऑर्थोपीडिक, स्पाइन एंड मैटरनिटी सेंटर, दून विहार, जाखन, राजपुर रोड में किया गया। इस वर्ष की थीम ‘ओल्ड इज गोल्ड : 360° देखभाल बुजुर्गों के लिए’ रही, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों को गरिमा, गतिशीलता और दीर्घायु प्रदान करना है।

कार्यक्रम के तहत निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, बीएमडी परीक्षण, सर्जरी, और बुजुर्गों से जुड़ी चिकित्सा समस्याओं पर जागरूकता फैलाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में इंटरव्यू आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों की घनता कम होना, मांसपेशियों का कमजोर पड़ना और जोड़ों में घिसावट जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं, जो दर्द, अकड़न और गतिशीलता में कमी का कारण बनती हैं।

पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय ने कहा कि बुजुर्गों में डिजेनेरेटिव आर्थराइटिस, स्पाइन संबंधी बीमारियां, ऑस्टियोपोरोसिस और उससे होने वाले फ्रैक्चर अधिक देखे जाते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस में कलाई, रीढ़ और कूल्हे के फ्रैक्चर आम हैं। वहीं, स्पाइनल स्टेनोसिस जैसी स्थितियों में ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ सकती है, जो बुजुर्गों के लिए जोखिमपूर्ण होती है।

डॉ. गौरव संजय ने बताया कि नियमित जांच, जैसे एक्स-रे, बीएमडी, सीटी स्कैन और एमआरआई से इन बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज संभव है। समय रहते उपचार और परिवार व समाज के सहयोग से बुजुर्ग अधिक स्वस्थ, खुशहाल और गतिशील जीवन जी सकते हैं।

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