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स्थानीय जनता को विधिक और सामाजिक अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

देहरादून / कालसी  : दूरस्थ व जनजातीय क्षेत्र कालसी में खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में एक भव्य बहुद्देशीय/न्यू मॉड्यूल शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा किया गया। इस शिविर की गरिमा तब और बढ़ गई जब माननीय कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री मनोज तिवारी तथा माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू तिवारी ने अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर जिला जज देहरादून श्री प्रेम सिंह खिमाल, माननीय जिला जज श्रीमती नीमा खिमाल, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखण्ड के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा सहित जनपद के सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

शिविर की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके उपरांत संस्कृति विभाग, देहरादून के कलाकारों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्वागत गीत और लोकनृत्यों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति की झलक ने वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। शिविर में अध्यक्ष बार एसोसिएशन, विकासनगर चौधरी विजय पाल सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) व विभागों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी ने बताया कि बहुद्देशीय शिविर का मुख्य उद्देश्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों की जनता को उनके विधिक एवं सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित कर समाज के अंतिम छोर तक व्यक्ति को न्याय, सहायता और सुविधाओं से जोड़ा जाता है।

शिविर में स्वास्थ्य विभाग और ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न जांचें की गईं और दवाइयों का वितरण किया गया। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दिव्यांगजनों को व्हील चेयर, बैसाखी, वॉकर, कान की मशीन, छड़ी और कमर दर्द की बेल्ट जैसी आवश्यक सहायक सामग्री वितरित की।

इसके अलावा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट ऋषिकेश, गायत्री परिवार विकासनगर, समर्पण सोसायटी देहरादून, क्राइम कंट्रोल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ऋषिकेश, शिरडी साई हरि मूर्ति सेवा धाम ऋषिकेश, जयराम ट्रस्ट, मंदिर भरत महाराज ऋषिकेश सहित कई गैर सरकारी संस्थानों ने सहयोग प्रदान किया। उद्योग जगत से भी फेबको बैग इंडस्ट्रीज सेलाकुई, डिक्सोन टेक्नोलॉजीस इंडिया लिमिटेड, टपरवेयर इंडिया, सनकेयर फॉर्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड, मुल्तानी फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, कैम्पस एक्टिव वेयर लिमिटेड और ईस्ट अफ्रीकन ओवरसीज फार्मासिटी जैसी कंपनियों ने योगदान दिया।

नारायण स्वयं सहायता समूह, ग्राम्य विकास विभाग कालसी तथा बैंकों – बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक ने भी शिविर में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर लाभार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर सेट, टैबलेट, लेजर प्रिंटर, आरओ मशीन, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट, हिमालयन बेबी किट, न्यू पहल किट, फर्स्ट एड किट, स्टेशनरी का सेट, इम्युनिटी बूस्टर किट, सोलर लैम्प, स्कूल बैग, टिफिन, वॉटर बॉटल, छाते और कम्बल वितरित किए गए।

शिविर की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग देने वाले सात पर्यावरण मित्रों को भी माननीय न्यायमूर्ति द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्ति श्री मनोज तिवारी और न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू तिवारी सहित अन्य अतिथियों ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों और संस्थाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इसी अवसर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

यह बहुद्देशीय शिविर स्थानीय जनता के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ, जिसमें 1000 से अधिक लोगों ने लाभ प्राप्त किया और विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल जनपद के दूरस्थ व जनजातीय क्षेत्र की जनता तक सरकारी व सामाजिक योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनी।

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