लापरवाही या हादसा? प्रयागराज में पांच जिंदगियां निगल गई तेज रफ्तार ट्रेन
प्रयागराज : करछना क्षेत्र के पचदेवरा के पास बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने कुछ ही पलों में खुशियों भरे सफर को मातम में बदल दिया। रेलवे ट्रैक पर अचानक चीख-पुकार मच गई, जब पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आकर पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दृश्य इतना भयावह था कि ट्रैक के आसपास करीब 50 मीटर तक खून फैल गया और शवों के टुकड़े बिखर गए।
बताया जा रहा है कि नेताजी एक्सप्रेस पचदेवरा हॉल्ट के पास अचानक रुक गई थी। ट्रैक पर पहले से एक व्यक्ति का शव पड़ा था, जिसे देखने के लिए कई यात्री ट्रेन से नीचे उतर आए। कुछ लोग ट्रैक के किनारे खड़े हो गए, तो कुछ इधर-उधर चले गए। इसी बीच विपरीत दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने लगातार हॉर्न दिया। यात्रियों ने चिल्लाकर लोगों को हटने की चेतावनी भी दी, लेकिन जल्दबाजी और लापरवाही भारी पड़ गई।
जैसे ही लोगों को ट्रेन आने का अहसास हुआ, वे वापस डिब्बों की ओर भागने लगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तेज रफ्तार ट्रेन ने पांच लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया और मौके पर मौजूद लोग इस मंजर को देखकर सिहर उठे।
मृतकों में फिरोजाबाद के एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। इनमें 17 वर्षीय आकाश भी था, जो कोलकाता में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने जा रहा था। खुशियों से भरा यह सफर कुछ ही क्षणों में उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। इसके अलावा मिर्जापुर के सुनील कुमार की भी इस हादसे में जान चली गई। एक युवक इस हादसे में बाल-बाल बच गया, जिसने पूरी घटना को अपनी आंखों से देखा।
हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर बिखरे शवों के टुकड़े इकट्ठा किए जाते रहे। ग्रामीणों ने भी राहत और बचाव कार्य में पुलिस की मदद की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेन के रुकने के बाद यात्रियों का ट्रैक पर उतरना ही इस हादसे की बड़ी वजह बना।
रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है, वहीं पूरे मामले की जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक लापरवाही और असावधानी इस तरह लोगों की जान लेती रहेगी।