नई सड़कों से खुलेगा समृद्धि और रोजगार का मार्ग,उत्तराखंड सहित कई क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
देहरादून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर विकास की रफ्तार को देश की पहचान बताते हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया और कहा कि ये सिर्फ सड़क या हाईवे नहीं, बल्कि भारत की किस्मत बदलने वाली रेखाएं हैं। देहरादून पहुंचने पर उन्होंने मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की, आशीर्वाद लिया और उसके बाद करीब 12 किलोमीटर लंबा रोड शो कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह सेना मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने बटन दबाकर करीब 213 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया, जिसकी लागत लगभग 11,963 करोड़ रुपये बताई गई।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी उनके साथ मंच पर मौजूद रहे, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से जुड़े। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत बी आर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देकर की और उनके विचारों को आधुनिक भारत के विकास से जोड़ा।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने एक अलग ही अंदाज में विकास को परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग अपनी हथेली की रेखाओं में भविष्य खोजते हैं, उसी तरह देश का भविष्य उसकी सड़कों, रेल, एक्सप्रेसवे और जलमार्गों में छिपा होता है। यही आधुनिक भारत की भाग्य रेखाएं हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्धि का रास्ता तैयार करती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कई गुना बढ़ा है। जहां पहले सालाना दो लाख करोड़ रुपये से भी कम खर्च होता था, वहीं अब यह आंकड़ा 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। उत्तराखंड में ही लाखों करोड़ की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे दूर-दराज के गांवों तक सड़क पहुंच रही है और जो इलाके कभी खाली हो रहे थे, वहां अब जीवन लौट रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसकी चर्चा दुनिया भर में हो रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के छोटे से क्षेत्र में ही हाल के समय में कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं—मेट्रो का विस्तार, नई रेल सेवाएं, एयरपोर्ट और अब यह एक्सप्रेसवे। उन्होंने कहा कि यह सब मिलकर देश को एक नई दिशा दे रहा है और यह बदलाव अभूतपूर्व है। देश में विभिन्न इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और आधुनिक परियोजनाएं भविष्य के नए दरवाजे खोल रही हैं और विकास की नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं।
इस कॉरिडोर के फायदों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इससे यात्रा का समय कम होगा, खर्च घटेगा और आवाजाही तेज होगी। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, क्योंकि निर्माण कार्य से लेकर अन्य क्षेत्रों में हजारों लोगों को काम मिला है। किसानों और पशुपालकों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। पर्यटन के लिहाज से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि इससे देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए आवागमन आसान हो जाएगा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि बी आर अंबेडकर जैसे महान विचारक भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को देश की प्रगति का आधार मानते थे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कॉरिडोर उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों के विकास को भी नई गति देगा और आने वाले समय में यह परियोजना पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।