Wed. Apr 22nd, 2026

प्राचार्य सीखेंगे रणनीतिक सोच और प्रभावी निर्णय की कला

देहरादून : प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में नेतृत्व और प्रबंधन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग और आईआईएम काशीपुर के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत यह प्रशिक्षण बैचवार आयोजित किया जाएगा। इस क्रम में 21 से 25 जुलाई तक “नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप कार्यक्रम” के अंतर्गत 40 प्राचार्य भाग लेंगे।

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमएमटीटीपी) के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्यों को रणनीतिक सोच, नेतृत्व क्षमता, प्रभावी निर्णय, कुशल प्रबंधन, विभागीय समन्वय और शैक्षणिक दृष्टिकोण जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण मिलेगा।

मंत्री ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण के बाद प्राचार्य अपने-अपने महाविद्यालयों में नवाचार और सुदृढ़ व्यवस्था लागू करने में सक्षम होंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागी प्राचार्यों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए समय से पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिन महाविद्यालयों के प्राचार्य शामिल होंगे, उनमें कोटाबाग, मालधनचौड़, हल्द्वानी शहर, कॉडा, चौखुटिया, भिकियासैंण, लमगड़ा, बलुवाकोट, देवीधुरा, बनबसा, पाटी, सितारगंज, किच्छा, जयहरीखाल, बिथ्याणी, नारायणबगड़, जखोली, गुप्तकाशी, ब्रह्मखाल, अगरोड़ा, नैनबाग, कमांद, चुड़ियाला, भूपतवाला के अलावा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़, स्याल्दे, मानिला, बेरीनाग, लोहाघाट, कोटद्वार, थलीसैंण, जोशीमठ, गैरसैंण, अगस्त्यमुनि, नईटिहरी, डाकपत्थर, डोईवाला, महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी व जसपुर, तथा व्यावसायिक महाविद्यालय पैठाणी शामिल हैं।

आईआईएम काशीपुर व उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से यह कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेगा, जिसमें 40-40 प्राचार्यों के बैच भेजे जाएंगे, जिससे सभी महाविद्यालयों को इस प्रशिक्षण का लाभ मिल सके।

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