Sun. Apr 19th, 2026

उत्तरकाशी के मोरी में कोल्ड स्टोरेज निर्माण को मिली प्राथमिकता

देहरादून : प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ राज्य एवं केन्द्र पोषित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उनकी प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बैठक के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से जनपद उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों को अपनी उपज के संरक्षण और विपणन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नाबार्ड, एपिडा अथवा अन्य उपलब्ध योजनाओं के माध्यम से इस परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।

कृषि मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके तहत आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने, उन्नत बीजों के प्रयोग, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और फसल विविधीकरण जैसे उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि एवं बागवानी से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए, ताकि किसान नई योजनाओं और तकनीकों का लाभ उठा सकें।

बैठक में औद्यानिकी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में स्थापित आईटीबीपी बटालियनों के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू किया गया है। इस समझौते के तहत सीमांत क्षेत्रों के कृषकों द्वारा उत्पादित ताजे फल एवं सब्जियों की सीधी खरीद और विक्रय सुनिश्चित किया जाएगा। इस पहल से दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में बागवानी कर रहे किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बाजार उपलब्ध होगा, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

अधिकारियों ने मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाएं प्रस्तावित की जा रही हैं, जिनमें फल पट्टी विकास, जैविक खेती को प्रोत्साहन, और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना शामिल हैं। मंत्री ने इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए और कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि उनका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंच सके।

बैठक के अंत में सुंदर लाल सेमवाल, औद्यानिकी परिषद के सीईओ नरेंद्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने सभी अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने और राज्य के किसानों के हित में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *