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रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और कर्तव्य का प्रतीक: मधु जैन

देहरादून: मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा वार्ड 35 चोरखाला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में रक्षाबंधन का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्कूली छात्राओं ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन जैन को रक्षा सूत्र बांधा। कार्यक्रम के दौरान उपहार स्वरूप बालिकाओं को लेखन सामग्री, विद्यालय की शिक्षिकाओं को साड़ियां और भोजन माताओं को भी साड़ियां भेंट की गईं। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि सभी बालिकाएं अपने घर से स्वयं राखी बनाकर लाई थीं और उन्हीं राखियों को उन्होंने सचिन जैन को बांधा।

इस अवसर पर सचिन जैन ने रक्षाबंधन के महत्व और उससे जुड़े मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षा सूत्र बांधते समय “येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचलः” मंत्र का जाप किया जाता है। इस मंत्र का अर्थ है—जिस रक्षा सूत्र से महान शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी से मैं तुम्हें बांधता हूं, हे रक्षे! तुम स्थिर रहो, अडिग रहो। उन्होंने बताया कि यह मंत्र राजा बलि से संबंधित है, जिन्हें दानवों का राजा माना जाता था। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने वामन अवतार में राजा बलि को पाताल लोक भेजते समय उनकी रक्षा के लिए यह मंत्र पढ़ा था। इसलिए, इस मंत्र का जाप करके रक्षा सूत्र बांधना भगवान से अपनी और अपने प्रियजनों की रक्षा की प्रार्थना करना है।

प्रदेश अध्यक्ष मधु जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच कर्तव्य और स्नेह का प्रतीक है। यह केवल जैविक भाई-बहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी भी प्रकार के भाई-बहन जैसे रिश्ते का जश्न मनाने का अवसर है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करती हैं।

कार्यक्रम में विजय कथूरिया, विद्यालय की शिक्षिकाएं, भोजन माताएं, स्कूली बच्चे और संगठन के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। वातावरण में उत्साह और पारंपरिक रंग दिखाई दे रहा था, जिसने रक्षाबंधन के इस अवसर को और भी यादगार बना दिया

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