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कौशांबी में जहरकांड की सनसनी: महिला ने पूरे परिवार को मारने की रची साजिश

कौशांबी जिले के करारी क्षेत्र के मलकिया गांव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने कथित रूप से पूरे परिवार को जहर खिलाकर मारने की साजिश रची। घटना रविवार रात की है, जब विदेश से लौटे पति की सूझबूझ से 10 लोगों की जान बच गई। मामले में आरोपी महिला, उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

घटना के अनुसार, मलकिया निवासी बृजेश कुमार मौर्य सऊदी अरब में हेल्पर के रूप में कार्यरत हैं और ढाई महीने पहले ही घर लौटे थे। रविवार शाम सात बजे के करीब उनकी पत्नी मालती देवी जब रसोई में आटा गूंथ रही थी, तब बृजेश को उसमें से अजीब सी दुर्गंध महसूस हुई। उन्होंने देखा कि आटे का रंग भी सामान्य नहीं था। सूंघने पर उन्हें शक हुआ कि इसमें जहरीला पदार्थ मिलाया गया है।

बृजेश द्वारा पूछे जाने पर मालती ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह परिवार से तंग आ चुकी है और सबको जहर देकर मारने की योजना बना रही थी। उसका दावा था कि यह सलाह उसके पिता कल्लू प्रसाद और भाई बजरंगी ने फोन पर दी थी। बृजेश ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। करारी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मालती, उसके पिता और भाई के खिलाफ मामला दर्ज किया। तीनों को गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गूंथे गए आटे के सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

बृजेश ने बताया कि वर्ष 2014 में उसकी शादी प्रयागराज जिले के पूरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के मनौरी बाजार निवासी मालती देवी से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। जब वह सऊदी अरब में रहते थे, तब उनकी पत्नी और बच्चे संयुक्त परिवार में रहते थे। बृजेश का आरोप है कि उसकी गैरमौजूदगी में मालती अक्सर किसी से फोन पर लंबी बातचीत करती थी। मना करने पर झगड़ा करती थी। यहां तक कि जब बृजेश घर लौटे, तो उन्होंने कई बार पत्नी को संदिग्ध गतिविधियों में पाया। फोन पर बातचीत रोकने को लेकर हुए झगड़ों के बाद बृजेश को कई बार अनजान नंबरों से धमकी भरे कॉल भी आए।

परिवार वालों के अनुसार, मालती का व्यवहार अक्सर असामान्य होता था। खेत जाते समय वह सलवार-सूट पहनती थी, जिस पर टोकने पर वह विवाद करने लगती थी। बृजेश ने बताया कि उसका संयुक्त परिवार है, जिसमें पिता राम धीरज, भाई राजेश और सुनील, भाभियाँ मंजू और अंजू, उनके बच्चे उन्नति और वैशाली समेत कुल दस सदस्य रहते हैं। यदि वह समय पर आटे की जांच न करते, तो सभी की जान जा सकती थी।ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है और बृजेश की सतर्कता की सराहना की है। मामला अब जांच के अधीन है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

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