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सोते-सोते मौत की नींद: बंद कमरे में चार मजदूरों का दर्दनाक अंत

कानपुर : पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें चार युवकों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना साइट नंबर दो स्थित ऑयल सीड्स कंपनी के प्लांट में बने एक कमरे की है, जहां चार युवक आग जलाकर सो रहे थे। सुबह जब फैक्टरी के गार्ड और कर्मचारी रोज की तरह पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है और कई बार पुकारने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर दरवाजा तोड़ा गया, जिसके बाद अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। कमरे में चारों युवक बेसुध पड़े थे और उनकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस के मुताबिक, भीतर रखा एक तसला मिला जिसमें कोयला जल रहा था और उसका धुआं पूरे कमरे में फैला हुआ था। कमरे में वेंटिलेशन के पर्याप्त साधन नहीं थे और चारों तरफ से कमरा बंद था, जिससे धुएं का बाहर निकलना संभव नहीं हुआ। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि युवक ठंड से बचने के लिए आग जलाकर सो गए थे, लेकिन रात के दौरान कोयले से निकलने वाले धुएं ने कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा बेहद कम कर दी और दम घुटने से चारों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान अयोध्या निवासी अमित वर्मा (32), देवरिया निवासी संजू सिंह (22), राहुल सिंह (23) और दाऊद अंसारी (28) के रूप में हुई है। ये सभी युवक फैक्टरी में कार्यरत थे और काम खत्म होने के बाद उसी कमरे में आराम करते थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। कमरे का निरीक्षण किया गया और सबूत इकट्ठा किए गए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई थी।

फॉरेंसिक अधिकारियों ने भी यह माना कि कमरे की बंद स्थिति और पर्याप्त वेंटिलेशन न होना हादसे का मुख्य कारण प्रतीत होता है। कोयला जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी खतरनाक गैसें निकलती हैं, जो बंद कमरे में तेजी से भर जाती हैं और कुछ ही मिनटों में व्यक्ति को बेहोश कर देती हैं। अनुमान है कि चारों युवक नींद में ही बेहोश हो गए और फिर कभी जाग नहीं पाए।

घटना की सूचना मिलते ही फैक्टरी प्रबंधन और स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सटीक कारणों की पुष्टि होगी, हालांकि प्रारंभिक जांच में दम घुटना ही मुख्य कारण माना जा रहा है।

यह हादसा उन मजदूरों के लिए भी एक चेतावनी है जो ठंड से बचने के लिए बंद कमरों में कोयला या लकड़ी जलाते हैं। विशेषज्ञों ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित वेंटिलेशन की आवश्यकता पर बल दिया है। पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में घटी इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की रहने की सुविधाओं पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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