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पर्यटन मंत्री महाराज ने टूर ऑपरेटरों को बताया राज्य का ब्रांड एंबेसडर

देहरादून: टूर ऑपरेटर: द फोर्स बिहाइंड सम्मेलन में प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में सालभर सबसे अधिक पर्यटक धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आते हैं, लेकिन टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों के कार्यालय दिल्ली में होने के कारण जीएसटी वहीं जमा होता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब यात्रा उत्तराखंड की है तो जीएसटी भी यहीं कटना चाहिए। इसके लिए टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंसियों को अपने कार्यालय उत्तराखंड में भी खोलने होंगे ताकि राज्य को जीएसटी का लाभ मिल सके।

मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि साहसिक पर्यटन, वेलनेस और मेडिकल पर्यटन तथा प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से भी अपार संभावनाएं रखता है। पर्यटन केवल अर्थव्यवस्था का साधन नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा और धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने टूर ऑपरेटरों को राज्य का पर्यटन ब्रांड एंबेसडर बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका किसी भी गंतव्य की सफलता में महत्वपूर्ण है।

सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र के सतत विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि पर्यटन के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।

उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन संवाद और सहयोग को बढ़ावा देंगे और पर्यटन क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के साथ नई संभावनाओं के द्वार भी खोलेंगे। सम्मेलन में पर्यटन विभाग के एसीईओ बी.एल. राणा, अपर निदेशक पूनम चंद, आईएटीओ अध्यक्ष पूर्व राजीव मेहरा, एडीटीओआई अध्यक्ष वेद खन्ना, वैभव काला, प्रशांत मैठाणी और सुनील सिंह राणा सहित कई विशेषज्ञ और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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