Sun. Apr 19th, 2026

‘प्रधानमंत्री कहाँ हैं?’ LPG और ईंधन संकट को लेकर संजय राउत का तीखा हमला

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि देश में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट रूप से बात करनी चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा कि जब देश कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री केरल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार कर रहे हैं और अपने विरोधियों के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो प्रधानमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।

राउत ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। उनके अनुसार एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर लोगों में भय का माहौल बन रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई होटल और रेस्तरां व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। राउत ने कहा कि इस गंभीर स्थिति पर केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

यह बयान उस समय आया जब प्रधानमंत्री मोदी केरल और तमिलनाडु में चुनावी जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। इन सभाओं में प्रधानमंत्री ने राज्य की प्रमुख पार्टियों जैसे DMK,INC और वाम गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने अपने भाषण में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर का भी जिक्र किया।

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार भारतीयों के हितों को सर्वोपरि रखने की नीति पर काम करती है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और घबराने की आवश्यकता न होने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने दुनिया भर की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, लेकिन भारत की सरकार ‘इंडिया फर्स्ट’ की विचारधारा के साथ काम कर रही है और देशवासियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर असर पड़ा है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है, ताकि घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *