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बरेली में भीड़ ने मचाया बवाल, दुकानों और वाहनों को पहुंचा नुकसान

बरेली : शहर में शुक्रवार को आई लव मोहम्मद के समर्थन में मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर जुटी भीड़ ने व्यापक अराजकता फैलाकर प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। खलील स्कूल तिराहे के पास दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की गई, नावल्टी चौराहा पर पुलिस टीम पर पथराव किया गया और श्यामगंज क्षेत्र में फायरिंग की घटनाएं हुईं। इस घटना के दौरान करीब तीन घंटे तक शहर में स्थिति नियंत्रण से बाहर रही, जिसके चलते स्थानीय लोग डर और भय के साए में अपने घरों में बंद रहे।

पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस ने पूरी कोशिश की और शाम पांच बजे तक हालात सामान्य हो पाए। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ का बैनर लेकर निकलना और पथराव करना सुनियोजित साजिश का संकेत देता है, और घटना के वीडियो और तस्वीरों के आधार पर इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना में कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका उपचार चल रहा है। डीआईजी साहनी ने कहा कि घटनास्थल पर तैनात पुलिस बल ने पूरी सावधानी बरती, लेकिन भीड़ की संख्या और हिंसक गतिविधियों को देखते हुए कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। बीएसएनएल क्षेत्रीय कार्यालय के जीएम पंकज पोरवाल ने पुष्टि की कि शासन के आदेश के अनुसार कुछ ही समय में इंटरनेट सेवाएं प्रभावी रूप से बंद कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि आधिकारिक पत्र तकनीकी टीम को सौंप दिया गया है और तुरंत कार्यवाही शुरू की जाएगी। अधिकारी इस कदम को सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने और अफवाहों एवं गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए जरूरी बता रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में शुक्रवार को हुई हिंसा से डर का माहौल पैदा हो गया। दुकानदारों ने बताया कि भीड़ की तोड़फोड़ से उनका व्यवसाय ठप्प हो गया और आर्थिक नुकसान हुआ। वहीं, स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें। साथ ही, जो लोग हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी साहनी ने बताया कि घटना की सुनियोजित प्रकृति को देखते हुए सभी संबंधित व्यक्ति और समूहों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती को स्पष्ट कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि आगामी दिनों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और पुलिस बल को सतर्क कर रखा गया है। इंटरनेट बंद करने का कदम भी इसी दिशा में उठाया गया है ताकि सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैले और स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

स्थानीय नागरिक और व्यापारियों में चिंता का माहौल है, लेकिन प्रशासन का आश्वासन है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। पुलिस और प्रशासन द्वारा घटनास्थल और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त जारी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

शहर में हुई इस हिंसा की जांच के लिए उच्च स्तर पर समिति का गठन किया गया है, जो घटना के सभी पहलुओं का विश्लेषण करेगी। इस मामले में प्राप्त वीडियो और फोटो प्रमाणों के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन और पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी हिंसक तत्व को शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे सभी प्रयासों का सामना कड़े कदमों के साथ किया जाएगा।

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