नेपाल में जलप्रलय का असर: नारायणी नदी में बहकर आए शव
नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब भारत में बहने वाली नारायणी नदी में साफ दिखाई देने लगा है। बाढ़ के तेज बहाव के साथ मलबे और घरेलू सामान के अलावा अज्ञात शव भी नदी में बहकर पहुंच रहे हैं। महराजगंज और कुशीनगर जिले में गुरुवार को अलग-अलग स्थानों से कुल सात शव बरामद होने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता और दहशत का माहौल है।
महराजगंज के टेलफाल क्षेत्र में भेड़िहारी के पास ठोकर नंबर एक पर एसएसबी और एसडीआरएफ की टीम ने तीन शव बरामद किए। इनमें दो महिलाओं और एक पुरुष का शव शामिल है। इसी इलाके से कुछ दूरी पर एक महिला का शव भी पानी से निकाला गया। चारों शवों की पहचान नहीं हो सकी है।
अधिकारियों के मुताबिक शवों को भेड़िहारी में सुरक्षित रखा गया है और इसकी सूचना नेपाल प्रशासन को दे दी गई है। नेपाल प्रशासन की ओर से शवों को ले जाने की बात कही गई है।
वहीं कुशीनगर में भी हालात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। खड्डा थाना क्षेत्र के सिसवा गोपाल गांव के पास छितौनी तटबंध के ठोकर संख्या ए के नजदीक शाम को तीन अज्ञात शव मिले। स्थानीय लोगों ने पानी में शवों को बहते देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला।
इन तीन शवों में भी दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने शवों को मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पहचान के लिए डीएनए जांच कराए जाने की तैयारी है।
नदी में बढ़ा खतरा, नाव चलाने पर रोक
नेपाल में बाढ़ के बाद नारायणी नदी का बहाव तेज है। नदी में लकड़ी, घरेलू सामान और दूसरी वस्तुएं लगातार बहकर आ रही हैं। सामान निकालने के लिए कुछ स्थानीय लोग और मछुआरे नाव लेकर नदी में उतरने लगे थे, लेकिन खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी में नाव ले जाने और लोगों के जाने पर रोक लगा दी है।
नदी पार दियारा क्षेत्र में खेती और दूसरे कामों के लिए रोजाना जाने वाले किसानों और मजदूरों को भी वापस बुला लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि स्थिति सामान्य होने तक नदी पार जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोसी नदी में आई बाढ़ से भारी नुकसान की सूचना के बाद महराजगंज और कुशीनगर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। नारायणी नदी में शव या अन्य संदिग्ध सामग्री आने की आशंका को देखते हुए नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को घाटों, नदी किनारे के गांवों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती के साथ जरूरत पड़ने पर एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड बटालियन की मदद लेने को कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव के बीच नदी में बहकर आए शव या किसी भी अज्ञात वस्तु को खुद निकालने की कोशिश न करें। किसी संदिग्ध या संवेदनशील सामान के मिलने पर तुरंत पुलिस अथवा प्रशासन को सूचना दें।
फिलहाल नारायणी नदी में लगातार बढ़ते खतरे के बीच प्रशासन की नजर नदी के बहाव और नेपाल की ओर से आने वाली हर वस्तु पर बनी हुई है। सात अज्ञात शव मिलने की घटना ने सीमा से सटे इलाकों में लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।