अमनऔर इंसानियत का पैगाम लेकर आए थे पैगंबर-ए-इस्लाम:डॉ.शमशुल हसन
वजीरगंज : मदरसा क़ादरी दारुल उलूम बनियां वजीरगंज में आज ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत-ए-पाक और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में मदरसे के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकगण, अभिभावक एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन पाक से की गई। इसके बाद हाफ़िज़ मोहम्मद आसिफ अंसारी साहब ने हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की **सवान-ए-हयात और सीरत-ए-पाक पर रोशनी डालते हुए उनके जीवन, उनके आदर्शों, इंसानियत के प्रति उनके व्यवहार और समाज में शांति एवं भाईचारे के लिए दिए गए संदेशों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम का पूरा जीवन इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे, सद्भाव और नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
इसके बाद डॉ. शमशुल हसन साहब ने अपने संबोधन में कहा कि हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दुनिया में अमन और इंसानियत का पैगाम लेकर आए। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों, अन्याय और अज्ञानता के खिलाफ लोगों को जागरूक किया तथा इंसानों को एक-दूसरे के साथ प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ रहने की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं।
कार्यक्रम में प्रिंसिपल मुख्तयार अहमद, पूर्व प्रधानाचार्य कैशान अली, मेहरुन्निसा, मोहम्मद जुनैद अंसारी** सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जीवन से प्रेरणा लेने तथा उनकी शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मदरसे के बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए **नात शरीफ, मनकबत एवं विभिन्न कलाम** पेश किए। बच्चों की प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा और उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए नात व कलाम से कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह धार्मिक एवं खुशनुमा हो गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत और उनकी शिक्षाओं से परिचित कराना है, ताकि बच्चे उनके बताए हुए नेक रास्ते पर चलकर समाज में अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द को मजबूत करने में अपना योगदान दे सकें।
कार्यक्रम के समापन पर मदरसे के बच्चों को **शीरीनी एवं इनामात** वितरित किए गए। बच्चों ने इनाम पाकर खुशी जाहिर की। आयोजन में शामिल लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर इस तरह के कार्यक्रम समाज में धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंत में आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों, शिक्षकों, बच्चों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
रिपोर्ट: ज़ीशान सिद्दीकी, सैदपुर