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आतंकी हमले के बाद भी अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की 38 दिवसीय वार्षिक यात्रा के लिए तीसरे दिन 6,400 से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। तीर्थयात्रियों को दो समूहों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना किया गया। यह जत्था गुरुवार देर रात सवा तीन बजे और शुक्रवार तड़के चार बजे दो अलग-अलग मार्गों – बालटाल और पहलगाम – की ओर निकला।

अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 14,000 श्रद्धालु 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। शुक्रवार को रवाना हुए तीसरे जत्थे में 4,723 पुरुष, 1,071 महिलाएं, 37 बच्चे तथा 580 साधु-साध्वियां शामिल थीं। कुल 291 वाहनों के इस जत्थे में से 138 वाहन 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग पर गए, जबकि 153 वाहन 14 किलोमीटर लंबे कठिन बालटाल मार्ग पर रवाना हुए। बालटाल मार्ग अपेक्षाकृत छोटा जरूर है, लेकिन इसे अधिक दुर्गम माना जाता है।

पिछले बुधवार से अब तक जम्मू आधार शिविर से कुल 17,549 तीर्थयात्री घाटी की ओर कूच कर चुके हैं। इस वर्ष की यात्रा की शुरुआत उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को भगवती नगर से यात्रा को हरी झंडी दिखाकर की थी। यात्रा उस घटना के बाद शुरू हुई है जिसमें अप्रैल महीने में पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके बावजूद यात्रा बिना किसी व्यवधान के जारी है और तीर्थयात्रियों का उत्साह बरकरार है।

भगवती नगर आधार शिविर को बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। तीर्थयात्रियों की निगरानी और पहचान के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगाए जा रहे हैं। अब तक अमरनाथ यात्रा के लिए 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। जम्मू शहर में 34 आवासीय केंद्र बनाए गए हैं और यात्रियों की सुविधा के लिए मौके पर पंजीकरण हेतु 12 काउंटर भी स्थापित किए गए हैं।

प्रशासन द्वारा की गई व्यापक व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों के कारण श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिल रहा है। श्रद्धालुओं का जत्था हर दिन कश्मीर की ओर रवाना हो रहा है, और यह पवित्र यात्रा पूरे श्रद्धा और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है।

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