परीक्षा गड़बड़ियों के खिलाफ सीजेपी का देशव्यापी अभियान शुरू, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
पुणे : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ देशव्यापी विरोध अभियान शुरू करने की घोषणा की है। अभियान की शुरुआत गुरुवार शाम चार बजे पुणे से होगी। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।
पुणे में आयोजित प्रेस वार्ता में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि संगठन अपना शिक्षा घोषणापत्र भी जारी करेगा। यह घोषणापत्र साबित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी परिसर से शुरू होने वाले आंदोलन के साथ सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। इस अभियान में प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने की भी संभावना है।
दिपके के अनुसार शिक्षा घोषणापत्र में परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों का खाका पेश किया गया है। इसमें प्रश्न-पत्र लीक रोकने के उपाय, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने की व्यवस्था, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, परीक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा परीक्षा आयोजन में देरी और अनियमितताओं से छात्रों को होने वाली समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में पेपर लीक, परिणामों में देरी और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों की चिंताएं लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
सीजेपी के मुताबिक यह आंदोलन पुणे से शुरू होकर जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु सहित कई शहरों से गुजरेगा तथा 20 जून को जंतर-मंतर में समापन होगा। दिपके ने कहा कि संगठन तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगा जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते। उनका आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के कारण देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।