अंकिता भंडारी को न्याय की मांग, दिल्ली में माता-पिता हिरासत में
दिल्ली / देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कार्रवाई को बेहद शर्मनाक और संवेदनहीन बताया है।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ अपनी बेटी को खो चुके माता-पिता न्याय के लिए आवाज उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि न्याय की मांग करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे मोदी सरकार की कायरता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई सरकार की मजबूती नहीं, बल्कि सवालों से बचने की कोशिश को दर्शाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रखेगी।
दरअसल, अंकिता भंडारी के माता-पिता दिल्ली में इंडिया गेट के पास सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया गया। परिवार का आरोप है कि अंकिता हत्याकांड में जिस कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे हैं, उसका संबंध दुष्यंत कुमार गौतम से है। हालांकि, यह आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
गौरतलब है कि सितंबर 2022 में उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र में अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आया था। घटना के समय दुष्यंत कुमार गौतम भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी थे। इस मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस मुद्दे पर भाजपा और उत्तराखंड सरकार को घेरते रहे हैं।
दिल्ली में अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के बाद एक बार फिर यह मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब विपक्ष न्याय की मांग उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है, जबकि अंकिता के परिवार की मांग है कि मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष तरीके से जवाब दिया जाए और उन्हें न्याय मिले।