आईएमडी का ऐलान: केरल पहुंचा मानसून, आगे बढ़ने के अनुकूल हालात
नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तीन दिन की देरी के बाद गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी, जिसके साथ ही देश में चार महीने लंबे वर्षा ऋतु की औपचारिक शुरुआत हो गई। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है। आईएमडी ने 15 मई को अनुमान जताया था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंच सकता है, जिसमें चार दिन की संभावित त्रुटि का मार्जिन रखा गया था।
आईएमडी ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ क्षेत्रों, पूरे लक्षद्वीप, केरल और माहे, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, शेष कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के और अधिक इलाकों में आगे बढ़ चुका है।
विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में मंगलौर, उथगमंडलम, कोडाइकनाल और थूथुकुडी से होकर गुजर रही है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान इसके मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों, कर्नाटक के अतिरिक्त इलाकों, तमिलनाडु के शेष भागों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के अन्य क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि पिछले दो दिनों में दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में संवहनी बादलों की गतिविधि बढ़ी है। साथ ही, इस क्षेत्र में पछुआ हवाओं की गहराई समुद्र तल से लगभग 4.5 किलोमीटर तक दर्ज की गई है, जबकि निचले स्तर पर इन हवाओं की गति 20 से 25 समुद्री मील के बीच बनी हुई है।