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धराली में छह दिन बाद भी कई लोग लापता, पैदल पहुंच रहे परिजन

उत्तरकाशी: धराली में आपदा के छह दिन बीत जाने के बाद भी कई लोग अब तक लापता हैं। अपनों की तलाश में चिन्यालीसौंड और मातली में एयरलिफ्ट होकर पहुंच रहे लोग अपने परिजनों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं, वहीं कई लोग पैदल ही हर्षिल और धराली की ओर निकल पड़े हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार अब तक 1308 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है, लेकिन कई परिवार अभी भी अपने परिजनों के लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

स्थानीय निवासी गोपाल थपलियाल ने बताया कि प्रभावित परिवार लगातार प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मदद से हर्षिल और धराली पहुंचाने की गुहार लगा रहे हैं ताकि वे स्वयं अपने परिजनों को ढूंढ़ सकें। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन जनमंच के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद ने भी पुष्टि की कि कुछ लोग पैदल ही कठिन रास्तों से होते हुए प्रभावित इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं।

धराली के ग्राम प्रधान अजय नेगी ने जानकारी दी कि यूपी और नेपाल से कुछ लोग लिम्चागाड़ से 30 से 35 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर धराली पहुंचे हैं। इनमें से यूपी से आए एक परिवार के तीन सदस्य लापता हैं, जो गांव में वेल्डिंग का काम करते थे।

अजय नेगी ने यह भी बताया कि उनके चाचा के बेटे सुमित नेगी से पांच अगस्त को फोन पर बात हुई थी। उस दिन मंदिर में पूजा थी और उसने थोड़ी देर में आने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है।

आपदा के बाद प्रभावितों के सामने पुनर्वास और रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा केवल पांच हजार रुपये की मदद दी जा रही है, जिससे नाराजगी बढ़ी है। साथ ही, उनका आरोप है कि धराली और हर्षिल के आपदा प्रभावितों के बजाय गंगोत्री यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को एयरलिफ्ट किया गया, जिससे पीड़ितों में रोष है।

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