मां की आंखों के सामने उजड़ा संसार, गंगा में डूबे चार युवकों की तलाश जारी
फर्रुखाबाद : पांचाल घाट पर सोमवार तड़के गंगा स्नान के दौरान एक ही गांव के चार युवक गहरे पानी में डूब गए। हादसे में एक ही परिवार के तीन युवक शामिल हैं। घटना के बाद पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने लापता युवकों की तलाश शुरू कर दी, लेकिन गंगा का बहाव तेज होने के कारण दोपहर तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।
शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के नयागांव निवासी योगेश (17) पुत्र प्रमोद सक्सेना, उसके चाचा विकास (25) पुत्र सोनपाल सक्सेना, चचेरे चाचा कमल (23) पुत्र सत्यपाल तथा गांव के अर्जुन (17) पुत्र राजेश प्रजापति रविवार देर रात करीब दस साथियों के साथ पांच बाइकों से कांवड़ लेने पांचाल घाट पहुंचे थे।
सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे सभी लोग पांचाल घाट के उत्तरी बंधे के पास गंगा स्नान करने पहुंचे। कुछ साथी बाइकों के पास रुक गए, जबकि अन्य लोग नदी में स्नान करने लगे। इसी दौरान योगेश, विकास, कमल और अर्जुन गंगा के गहरे हिस्से की ओर बढ़ने लगे। वहां मौजूद साथियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें गहरे पानी में जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे आगे बढ़ते चले गए।
कुछ ही देर में चारों युवक पानी में डूबने लगे। उन्हें डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया। स्थानीय लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के चलते चारों गंगा में समा गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक आरती सिंह मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। उनके निर्देश पर एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों को युवकों की तलाश में लगाया गया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी पांचाल घाट पहुंच गए।
योगेश हाईस्कूल का छात्र था। चार भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर का था। उसके परिवार में मां सोनी देवी और बड़ा भाई देवेश हैं। विकास छह भाइयों में सबसे छोटा था और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद आईटीआई कर रहा था। वहीं कमल तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई गुड्डू और अवनीश हैं। कमल की मां विमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया गया कि देवेश, विकास और अर्जुन पानी-बताशे का ठेला लगाते थे। उनके साथ गांव का विक्की भी पांचाल घाट आया था और वह भी गंगा में स्नान कर रहा था।
सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया कि गंगा में डूबे चारों युवकों की तलाश के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को लगातार गहरे पानी में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।