Sun. Apr 19th, 2026

कविता: अरावली की व्यथा

आशी प्रतिभा ( स्वतंत्र लेखिका)

नहीं बचेगा जब जंगल जीवन
ये पर्यावरण दूषित हो जाएगा

पर्यावरण के दूषित होने से,
तब जल संकट गहराएगा!

त्राहि त्राहि होगी धरती पर,
यह जगजीवन पीड़ित हो जाएगा

पर्वतों की श्रृंखला अरावली है
इसके यू बिखराव से ही

रेखिस्तान का बवंडर झा जायेगा
प्रदूषण स्तर बहुत ही बढ़ जाएगा

जिसने रोका ,विस्तृत रेगिस्तान
नदियों को रखा जिसने ज़िंदा

पला जहां ,ये जंगल जीवन
पंछियों का जहां घना बसेरा

जिसने सास लेने लायक बनाया
दिल्ली–NCR की हवा को

आज उसी अरावली को
खनन, कटाई और लालच ने
अपराधी बना दिया।

ये सिर्फ पहाड़ नहीं है
यह भारतीय प्राकृतिक ढाल है।

अगर अरावली नष्ट हो जाएगी
तो पानी भी कट जाएगा,

हवा ज़हरीली होगी,
और रेगिस्तान आगे बढ़ेगा।

ये पर्यावरण का मुद्दा नहीं,
हमारे भविष्य का सवाल है।
अरावली को बचाओ।
विकास के नाम पर ,
प्रकृति के साथ यह दुर्व्यवहार है ।।

@आशी प्रतिभा ( स्वतंत्र लेखिका)
मध्य प्रदेश, भारत

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